दुर्घटना प्रतिकर के रूप में न्यायालय ने निर्णीत किया एक करोड़ पचपन लाख का मुआवजा

DK Srivastav (Legal Coresspondent)

सिद्धार्थनगर। जिला जज न्यायालय मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण अरविंद राय की अदालत ने सेना में कार्यरत कैप्टन सृजन पाण्डेय की मार्ग दुर्घटना में मौत हो जाने के बाद दायर प्रतिकर याचिका में आश्रितों को एक करोड़ पचपन लाख रुपये का मुआवजा देने का आदेश टाटा एआईजी इंश्योरेंस कंपनी को दिया है। प्रतिकर याचिका मृतक के पिता, माता एवं बहन की तरफ से दाखिल किया गया था।

दुर्घटना देहरादून में 10/11 अक्टूबर 2023 की रात में थाना कोतवाली देहरादून क्षेत्र में हुई थी। प्रतिकर याचिका के कथनानुसार सिद्धार्थनगर जनपद के मूल निवासी सेना की इंजीनियरिंग विंग में कार्यरत सृजन पाण्डेय की पोस्टिंग देहरादून में थी। घटना की रात करीब 12:30 बजे वह अपने साथी फ्लाइंग ऑफिसर सिद्धार्थ एस मेनन के साथ रेस्टोरेंट से डिनर करके सेंट्रियो मॉल से आगे दिलाराम चौक की तरफ मारुति बलेनो कार से जा रहे थे। उसी वक्त ट्रक चालक हंसराम पुत्र रामचरन साकिन सिंगयाच, पोस्ट जगनेर तहसील खेरागढ़, थाना जगनेर, जनपद आगरा ने लापरवाही एवं तेज गति से चलाते हुए कार में टक्कर मार दिया जिससे उनके सिर शरीर पर गम्भीर प्राणघातक चोटें आईं तथा कार भी बुरी तरफ क्षतिग्रस्त हो गयी।

सृजन पाण्डेय को एम्बुलेन्स द्वारा मैक्स अस्पताल, देहरादूर ले जाया गया, जहाँ पर डाक्टरों ने सृजन पाण्डेय को देखते ही मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने केस दर्ज कर लाश का पंचनामा एवं पोस्टमार्टम करवा कर विवेचना शुरू किया और न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया। मृतक कैप्टन सिद्धार्थनगर जनपद के शोहरतगढ़ तहसील क्षेत्र के ग्राम पड़रिया के मूल निवासी थे। उनकी मृत्यु से क्षेत्र में शोक की लहर व्याप्त हो गई थी। मृतक सृजन पाण्डेय के पिता परमात्मा प्रसाद पाण्डेय, माता रेनू पाण्डेय एवं बहन सृष्टि पाण्डेय ने मोटर दुर्घटना प्रतिकर न्यायालय सिद्धार्थनगर में प्रतिकर याचिका दाखिल किया।

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न्यायालय ने प्रतिकर याचिका का विचारण करके साक्ष्यों का परीक्षण किया और दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं की बहस सुनकर पत्रावली का सम्यक परीशीलन करके विपक्षी इंश्योरेंस कंपनी टाटा एआईजी को प्रतिकर भुगतान करने का दाई माना।

न्यायालय ने मृतक की आय, आश्रितों एवं भविष्य की संभावनाओं को मद्देनजर रखते हुए विपक्षी के विरुद्ध प्रतिकर धनराशि एक करोड़ पचपन लाख इकसठ हजार दो सौ पचास रुपये निर्धारित करते हुए इंश्योरेंस कंपनी टाटा एआईजी को भुगतान करने का आदेश दिया। मृतक के आश्रितों की तरफ याचिका की पैरवी इम्तियाज अली एडवोकेट ने किया।