📅 Published on: February 23, 2026
Kapilvastupost
गोरखपुर/देवरिया: गोरखपुर के शिवपुर सहबाजगंज में रहने वाले देवरिया के शिक्षक कृष्ण मोहन सिंह की आत्महत्या के मामले में अब एक नया और सनसनीखेज मोड़ सामने आया है। मृतक की पत्नी गुड़िया सिंह ने पुलिस को दी तहरीर में बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) कार्यालय के एक लिपिक (बाबू) पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
तहरीर के अनुसार, पति की बहाली के नाम पर लाखों रुपये की रिश्वत वसूली गई और फिर भी काम न होने व अपमानित किए जाने से क्षुब्ध होकर उन्होंने मौत को गले लगा लिया।
हाईकोर्ट के आदेश के बाद भी फंसाया गया मामला
कृष्ण मोहन सिंह की नियुक्ति 2016 में देवरिया के मदरसन स्थित कृषक लघु माध्यमिक विद्यालय में सहायक अध्यापक के पद पर हुई थी। 2023 में कुछ आरोपों के आधार पर उनकी सेवा समाप्त कर दी गई थी। इसके खिलाफ वह हाईकोर्ट गए, जहाँ 13 फरवरी 2025 को न्यायालय ने उनके पक्ष में आदेश देते हुए अधिकारियों को नया आदेश पारित करने का निर्देश दिया था।
बाबू पर 16 लाख रुपये वसूलने का आरोप
पत्नी का आरोप है कि कोर्ट के आदेश के अनुपालन के नाम पर देवरिया BSA कार्यालय में तैनात बाबू संजीव सिंह ने कृष्ण मोहन और दो अन्य शिक्षकों से 20-20 लाख रुपये की मांग की। काफी मिन्नतों के बाद सौदा 16-16 लाख रुपये पर तय हुआ।
लिपिक ने धमकी दी थी कि यदि पैसे नहीं दिए गए, तो दोबारा प्रतिकूल आदेश जारी कर नौकरी से हाथ धोना पड़ेगा।
मृतक की पत्नी गुड़िया सिंह ने कहा मेरे पति ने कर्ज लेकर रकम दी थी, इसके बावजूद उनकी सेवा बहाली की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ाई गई।
अपमान और मानसिक उत्पीड़न बनी मौत की वजह
तहरीर के मुताबिक, 20 फरवरी को कृष्ण मोहन सिंह को बीएसए कार्यालय बुलाकर बुरी तरह अपमानित किया गया। घर लौटने पर वह काफी व्यथित थे और उसी रात उन्होंने पंखे से लटककर जान दे दी। पुलिस को उनकी जेब से चार पन्नों का सुसाइड नोट मिला है, जिसमें रिश्वत के लेन-देन और विभाग के भ्रष्टाचार का पूरा कच्चा चिट्ठा मौजूद है।