बहादुरी बनी काल: सिद्धार्थनगर में डूब रहे बालक को बचाने के प्रयास में किशोर की भी मौत, पसरा मातम

यह एक अत्यंत हृदयविदारक घटना है। एक बालक को बचाने के प्रयास में दूसरे किशोर का भी अपनी जान गंवाना समाज के लिए एक बड़ी क्षति है।
Kapilvastupost
सिद्धार्थनगर (त्रिलोकपुर): उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थनगर जिले के त्रिलोकपुर थाना अंतर्गत डोकम अमया गांव में बुधवार को एक दर्दनाक हादसा सामने आया। गांव के तालाब में नहाने गए एक 11 वर्षीय बालक को डूबता देख उसे बचाने कूदे 13 वर्षीय किशोर की भी पानी में डूबने से मौत हो गई। इस दोहरी दुखद घटना ने पूरे गांव को झकझोर कर रख दिया है।
कैसे हुआ हादसा?
जानकारी के अनुसार, डोकम अमया निवासी मैमुद्दीन का 11 वर्षीय पुत्र अंतारू रजा बुधवार दोपहर करीब 1:30 बजे गांव के पश्चिम स्थित एक तालाब में नहाने गया था। नहाते समय वह गहरे गड्ढे में चला गया और डूबने लगा। उसे डूबता देख पास ही मौजूद साहिल रजा (13) ने अपनी जान की परवाह किए बिना उसे बचाने के लिए पानी में छलांग लगा दी। दुर्भाग्यवश, साहिल भी खुद को संभाल नहीं पाया और दोनों गहरे पानी में समा गए।
जब तक ग्रामीण मौके पर पहुंचे और दोनों को बाहर निकाला, तब तक उनकी सांसें थम चुकी थीं।  मृतकों की पहचान अंतारू रजा (11) और साहिल रजा (13) के रूप में हुई है।
साहिल की बहादुरी की चर्चा
गांव के लोग साहिल रजा की हिम्मत और उसके परोपकारी स्वभाव को याद कर भावुक हो रहे हैं। परिजनों के अनुसार, साहिल बहुत ही होनहार और धार्मिक स्वभाव का था। इतनी कम उम्र में दूसरे की जान बचाने के लिए खुद को जोखिम में डालना उसकी असाधारण बहादुरी को दर्शाता है।
नेताओं ने व्यक्त की संवेदना
हादसे की सूचना मिलते ही नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पाण्डेय अपने सभी कार्यक्रम निरस्त कर पीड़ित गांव पहुंचे। उन्होंने शोक संतप्त परिवारों से मुलाकात की और उन्हें ढांढस बंधाया। उन्होंने परिजनों को हर संभव सरकारी मदद दिलाने का आश्वासन देते हुए इस दुख की घड़ी में साथ खड़े रहने का भरोसा दिया।
प्रशासन की लापरवाही पर सवाल
इस घटना ने एक बार फिर खुले और असुरक्षित गहरे गड्ढों को लेकर प्रशासन पर सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीणों में इस बात को लेकर गहरा आक्रोश है कि बिना किसी सुरक्षा घेरे के छोड़े गए ये गड्ढे मासूमों के लिए ‘मौत का जाल’ बन रहे हैं।