📅 Published on: May 29, 2026
Kapilvastupost
सिद्धार्थनगर। उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थनगर जिले के इटवा थाना क्षेत्र से कानून-व्यवस्था को चुनौती देने वाली एक गंभीर घटना सामने आई है। यहाँ दबंगों के हौसले इतने बुलंद हैं कि उन्होंने एक मोबाइल दुकानदार के साथ न सिर्फ मारपीट और तोड़फोड़ की, बल्कि दुकान से नकदी और मोबाइल फोन भी लूट ले गए। पीड़ित ने इटवा के क्षेत्राधिकारी (CO) से मिलकर जान-माल की सुरक्षा और न्याय की गुहार लगाई है। इस घटना के बाद से स्थानीय इलाके में दहशत का माहौल है।
क्या है पूरा मामला?
घटना इटवा थाना क्षेत्र के खानकोट की है, जहाँ पीड़ित सूरज गौतम अपनी मोबाइल की दुकान चलाते हैं। सूरज गौतम के मुताबिक, पूरा विवाद दुकान पर मोबाइल फोन लेने को लेकर शुरू हुआ।
> “मेरी दुकान पर दो महिलाएँ मोबाइल बनवाने आई थीं। उसके बाद एक और महिला आई और कहने लगी कि मेरा मोबाइल कहाँ है? मैंने उनसे कहा कि जिसका मोबाइल है, वो ले ले। मैंने दोनों पक्षों को समझा-बुझाकर वहाँ से भेज दिया था। लेकिन इसी बात की रंजिश को लेकर शाम को चार लोग अचानक मेरी दुकान पर आ धमके और मुझ पर हमला कर दिया।”
> — **सूरज गौतम, पीड़ित दुकानदार**
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मारपीट, तोड़फोड़ और ₹80,000 की लूट का आरोप
पीड़ित का आरोप है कि दबंगों ने दुकान में घुसते ही गाली-गलौज शुरू कर दी और विरोध करने पर उनके साथ बेरहमी से मारपीट की। आरोप यह भी है कि हमलावरों ने सूरज गौतम को जातिसूचक शब्द कहे, दुकान में जमकर तोड़फोड़ की और वहाँ रखे कई मोबाइल फोन सहित **₹80,000 की नकदी** लूटकर फरार हो गए।
घटना के दौरान आसपास के लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई, लेकिन दबंगों के खौफ के कारण कोई बीच-बचाव करने सामने नहीं आया। भीड़ जुटती देख आरोपी जान से मारने की धमकी देते हुए मौके से भाग निकले। पीड़ित का कहना है कि आरोपी इलाके के रसूखदार और दबंग किस्म के लोग हैं, जिसके कारण स्थानीय लोग उनके खिलाफ खुलकर बोलने से डरते हैं।
पुलिस की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल, CO ने दिया आश्वासन
सूरज गौतम ने बताया कि घटना की सूचना उसी शाम स्थानीय पुलिस को दे दी गई थी, लेकिन लंबे समय तक पुलिस की तरफ से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। पुलिस के ढुलमुल रवैए से परेशान होकर पीड़ित को न्याय के लिए क्षेत्राधिकारी (सीओ) के पास जाना पड़ा।
इस संबंध में जब **क्षेत्राधिकारी इटवा** से बात की गई, तो उन्होंने बताया कि मामला उनके संज्ञान में आ चुका है। उन्होंने पीड़ित को आश्वस्त किया है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
बहरहाल, दिनदहाड़े एक दलित व्यवसायी के साथ हुई इस वारदात ने स्थानीय पुलिसिंग और कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। देखना होगा कि इटवा पुलिस आरोपियों को कब तक सलाखों के पीछे भेज पाती है।