📅 Published on: June 11, 2026
Kapilvastupost
सिद्धार्थनगर। जिले में बेलगाम अवैध मिट्टी खनन एक बार फिर किसी की जान ले गया। मोहाना थाना क्षेत्र के सिकरी-लोटन मार्ग पर पन्नी गांव के समीप फुलवरिया मोड़ के पास बुधवार शाम करीब साढ़े पाँच बजे एक दर्दनाक हादसे ने पूरे इलाके को सदमे में डाल दिया। मिट्टी से लदे एक तेज रफ्तार डंपर ने नेपाली नंबर की मोटरसाइकिल को जोरदार टक्कर मार दी, जिसमें एक युवक की मौके पर ही मौत हो गई जबकि दूसरा गंभीर रूप से घायल हो गया।
हादसे में एक की मौत, दूसरा रेफर
मृतक की पहचान **रामजीवन पुत्र दशरथ (उम्र लगभग 30-35 वर्ष), निवासी चनरैया, थाना लोटन** के रूप में हुई है। वहीं गंभीर रूप से घायल **सोनू पुत्र सिकंदर (26 वर्ष), निवासी नेपाल** को सीएचसी लोटन से प्राथमिक उपचार के बाद मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया है। जानकारी के अनुसार दोनों युवक नेपाल के लुंबिनी क्षेत्र में आयोजित एक मुंडन संस्कार कार्यक्रम में शामिल होकर मोटरसाइकिल (नं. LU 15 P 7338) से वापस लौट रहे थे, तभी यह हादसा हुआ। टक्कर के बाद डंपर चालक वाहन सहित मौके से फरार हो गया। मोहाना पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और फरार चालक की तलाश जारी है। मृतक के परिजनों में कोहराम मचा हुआ है।
पूरे जिले में फैला है अवैध मिट्टी खनन का जाल
यह हादसा कोई अकेली घटना नहीं है। सूत्रों के अनुसार **सिद्धार्थनगर जिले में इस समय जोरों पर अवैध मिट्टी खनन का कारोबार चल रहा है।** खनन माफिया बिना किसी रोक-टोक के धड़ल्ले से मिट्टी उखाड़ रहे हैं और ओवरलोड डंपर तेज रफ्तार से सड़कों पर दौड़ा रहे हैं। अधिक से अधिक फेरे लगाने की होड़ में चालक यातायात नियमों की खुलेआम धज्जियाँ उड़ा रहे हैं — और इसकी कीमत निर्दोष आम नागरिकों को अपनी जान देकर चुकानी पड़ रही है।
पुलिस-प्रशासन की साठगांठ पर उठ रहे हैं सवाल
स्थानीय लोगों और सूत्रों का आरोप है कि **यह अवैध खनन माफिया पुलिस और प्रशासन की मिलीभगत से बेधड़क काम कर रहा है।** लगातार हो रही दुर्घटनाओं और मौतों के बावजूद जिला प्रशासन ने आज तक इन माफियाओं के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। न डंपरों की जाँच होती है, न खनन स्थलों पर छापे पड़ते हैं। ऐसे में सवाल यह है कि आखिर किसके संरक्षण में चल रहा है यह पूरा खेल?
## कब जागेगा प्रशासन?
सिद्धार्थनगर में मिट्टी लदे डंपरों और जेसीबी से हादसों का यह सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा। अब तक कई लोग जान गँवा चुके हैं और दर्जनों घायल हो चुके हैं। **जनता की माँग है कि जिला प्रशासन तत्काल अवैध खनन पर रोक लगाए, दोषी ठेकेदारों और संरक्षणदाताओं पर एफआईआर दर्ज की जाए और डंपर चालकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो।** यदि अब भी प्रशासन की आँखें नहीं खुलीं, तो ऐसे हादसे रुकने वाले नहीं हैं।