📅 Published on: July 21, 2026
गुरु जी की कलम से
**बढ़नी (सिद्धार्थनगर):** विकास खंड बढ़नी क्षेत्र की ग्राम पंचायत घरुआर (टोला डढ़ऊल) स्थित आंगनबाड़ी केंद्र प्रथम में मंगलवार सुबह उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब केंद्र में पढ़ाई के दौरान अचानक छत का प्लास्टर भरभराकर गिर गया। प्लास्टर गिरने से पास में रखी प्लास्टिक की कुर्सियां और मेज टूट गईं। गनीमत यह रही कि मौके पर मौजूद बच्चे और कार्यकत्री बाल-बाल बच गए और कोई बड़ी जनहानि नहीं हुई, लेकिन घटना के बाद से केंद्र में डर का माहौल है।
पढ़ाई के दौरान अचानक गिरा प्लास्टर
आंगनबाड़ी कार्यकत्री मीनू देवी ने बताया कि मंगलवार सुबह करीब 8:30 बजे केंद्र में तीन बच्चे—साक्षी (5 वर्ष), रिषभ (3 वर्ष) और कार्तिक (2 वर्ष) मौजूद थे। वे बच्चों को पढ़ा रही थीं कि तभी छत का बड़ा हिस्सा गिर पड़ा।
मीनू देवी ने कहा: *”ईश्वर का शुक्र है कि प्लास्टर हमारे ऊपर नहीं गिरा और हम सब सुरक्षित बच गए। लेकिन अब इस जर्जर भवन में बैठने से डर लग रहा है।”
बता दें कि इसी भवन में छोटे बच्चों की शिक्षा के अलावा गर्भवती महिलाओं और बच्चों का टीकाकरण तथा राशन वितरण जैसे महत्वपूर्ण कार्य भी किए जाते हैं।
लाखों का भुगतान, फिर भी जर्जर भवन
सूत्रों के अनुसार, वर्ष 2023-24 में पंचायत निधि से इस आंगनबाड़ी केंद्र की मरम्मत के नाम पर **बाला जी ट्रेडर्स** और **त्रिमूर्ति सप्लायर** सहित कई लोगों के निजी खातों में मजदूरी के नाम पर लाखों रुपये का भुगतान किया गया था। इसके बावजूद पहली ही बरसात में छत से पानी टपकने लगा और प्लास्टर गिर गया, जिसने निर्माण और मरम्मत कार्यों में हुए भ्रष्टाचार की पोल खोलकर रख दी है।
परिसर में झाड़ियों का अंबार, पनप रहा खतरे का डर
आंगनबाड़ी केंद्र के पास में ही पंचायत भवन, सामुदायिक शौचालय, जनसेवा केंद्र और प्राइमरी विद्यालय स्थित हैं, जहाँ रोज़ाना छोटे बच्चों और ग्रामीणों की आवाजाही रहती है। इसके बावजूद परिसर के आसपास बड़ी-बड़ी झाड़ियाँ उगी हुई हैं, जहाँ जहरीले जीव-जंतुओं के छिपे होने का खतरा बना रहता है। स्थानीय प्रशासन का ध्यान सफाई व्यवस्था की ओर नहीं जा रहा है।
अधिकारियों का पक्ष
* **सीडीपीओ रविन्द्र कुमार यादव:** *”जर्जर भवन में अब बच्चों को बिठाना सुरक्षित नहीं है। आंगनबाड़ी कार्यकत्री को पास के प्राइमरी विद्यालय में केंद्र संचालित करने के निर्देश दिए जा रहे हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए डीपीओ (DPO) को पत्र लिखा जाएगा।”*
**खंड विकास अधिकारी (BDO) अनिश मणि पांडेय: “आंगनबाड़ी केंद्र की मरम्मत के लिए पंचायत सचिव को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए जाएंगे। साथ ही मरम्मत भुगतान और कार्य की गुणवत्ता की जांच कराकर दोषियों के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी।”*