📅 Published on: August 1, 2026
Nizam Ansari
लोकेशन:* सिद्धार्थनगर (उत्तर प्रदेश)
हमारा विदेश मंत्रालय किस तरीके से काम करता है, इसकी एक बानगी उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थनगर जिले में देखने को मिल रही है। जिले की इटवा तहसील अंतर्गत डोकम अम्या गांव निवासी रिजवान अहमद की मृत्यु बीते 22 जून को सऊदी अरब के नजरान शहर में हो गई थी। आज घटना को लगभग डेढ़ महीने से अधिक का समय बीत चुका है, लेकिन रिजवान का पार्थिव शरीर अब तक उसके पैतृक गांव नहीं पहुंच सका है।
मृतक के परिजन अपने लाल की अंतिम विदाई और आखिरी रसूमात अदा करने के लिए दर-दर की ठोकरें खाने को मजबूर हैं। गांव के प्रधान से लेकर जिलाधिकारी, जनप्रतिनिधियों और आलाधिकारियों तक हर चौखट पर फरियाद लगाई जा चुकी है, लेकिन अब तक कोई सुनवाई नहीं हुई।
हद तो तब हो गई जब उत्तर प्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडे द्वारा विदेश मंत्रालय को लिखे गए पत्र का भी कोई असर देखने को नहीं मिला। विदेश मंत्रालय की इस लचर कार्यप्रणाली के कारण मृतक के छोटे-छोटे बच्चों और बूढ़ी मां का रो-रोकर बुरा हाल है। पूरा गांव गमगीन है और हर आंख बस अपने लाल के शव के वतन लौटने का इंतजार कर रही है।