📅 Published on: August 7, 2026
Kapilvastupost
बांसी (सिद्धार्थनगर)। स्वाट टीम और बांसी कोतवाली पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में ब्रांडेड अंग्रेजी शराब के नाम पर मिलावटी शराब बनाने व बेचने वाले एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश हुआ है। पुलिस ने मामले में दो शातिर आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि गिरोह से जुड़े दो अन्य फरार आरोपियों की तलाश जारी है।
किराए के गोदाम से चल रहा था काला धंधा
कोतवाल मृत्युंजय पाठक ने बताया कि बुधवार को गश्त के दौरान मिली गुप्त सूचना पर बाइक सवार बलराम जायसवाल (निवासी देवियापुर नकरटहा) को हिरासत में लिया गया। पूछताछ में बलराम ने स्वीकार किया कि वह कोइलहवा सुभाषनगर स्थित एक किराए के गोदाम से नकली ढक्कन और फर्जी क्यूआर कोड का अवैध कारोबार चला रहा था।
पुलिस ने बलराम की निशानदेही पर गोदाम में छापेमारी कर 32,472 विभिन्न ब्रांडों के नकली ढक्कन और 12,752 फर्जी क्यूआर कोड स्टीकर बरामद किए।
शराब की दुकान में रंगे हाथ पकड़ा गया दूसरा आरोपी
बलराम से मिली जानकारी के आधार पर पुलिस ने पटखौली नंबर-2 स्थित कंपोजिट अंग्रेजी शराब की दुकान पर छापा मारा। वहाँ से प्रदीप कुमार (निवासी हरदोई) को खाली बोतलों में शराब और पानी मिलाकर, उन पर नकली ढक्कन व क्यूआर कोड चिपकाते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया।
बरामदगी का विवरण – नकली ढक्कन: 32,472 (विभिन्न ब्रांड्स के)
फर्जी QR कोड स्टीकर: 12,752
मिलावटी शराब: 16 बोतल अंग्रेजी शराब
अन्य सामान: 1 बाइक, इलेक्ट्रॉनिक तराजू, मोबाइल फोन, चाकू, सुजा और ₹700 नकद।
आबकारी अधिनियम के तहत कार्रवाई
पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ बांसी कोतवाली में संबंधित धाराओं और उत्तर प्रदेश आबकारी अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर उन्हें जेल भेज दिया है। फरार अन्य दो आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस दबिश दे रही है।
सिद्दार्थनगर – नकली शराब बनाने की फैक्ट्री का पुलिस ने किया खुलासा ब्रांडेड बोतलों पर नकली Q R कोड का करते थे इस्तेमाल