प्राइम टाइम स्पेशल डॉक्टर की लापरवाही ने छीना बेबस मां का इकलौता सहारा: 2 साल की मासूम की मौत, पर्ची फाड़कर फेंकने का आरोप
📅 Published on: September 5, 2026
Kapilvastupost
सिद्धार्थनगर (यूपी)। सदर थाना क्षेत्र के साड़ी तिराहा स्थित एक निजी बालरोग अस्पताल से इंसानियत और डॉक्टरी पेशे को शर्मसार कर देने वाला मामला सामने आया है। इलाज के दौरान दो वर्षीय मासूम बच्ची ‘जया’ की दर्दनाक मौत हो गई। आरोप है कि डॉक्टर द्वारा लगाए गए इंजेक्शन के ओवरडोज और इलाज में बरती गई भारी लापरवाही के कारण बच्ची ने तड़प-तड़पकर दम तोड़ दिया।
इस घटना के बाद सबसे अधिक दिल दुखाने वाली बात यह है कि पीड़ित मां कुछ ही महीने पहले सड़क दुर्घटना में अपने पति को खो चुकी थी। पति के गुजर जाने के बाद यह मासूम बच्ची ही उस बेबस मां की जिंदगी का एकमात्र सहारा और जीने की वजह थी।
पीड़ित पक्ष का छलका दर्द: “ओवरडोज इंजेक्शन देकर मार डाला और सबूत मिटाने फाड़ दी पर्ची”
कठेला गर्वी गांव से आई रोती-बिलखती पीड़ित मां ने अस्पताल प्रशासन और डॉक्टर संजय चौधरी पर बेहद संगीन आरोप लगाए हैं:
इंजेक्शन का ओवरडोज: मां के मुताबिक, बच्ची जया को तेज बुखार आने पर शुक्रवार को अस्पताल लाया गया था। शनिवार को बुखार न उतरने पर जब दोबारा अस्पताल पहुंचे, तो डॉक्टर ने उसे एक के बाद एक दो इंजेक्शन लगाए। दूसरे इंजेक्शन के तुरंत बाद बच्ची की हालत बिगड़ी और उसने मौके पर ही दम तोड़ दिया।

सबूत मिटाने की कोशिश: पीड़ित परिजनों का आरोप है कि जब उन्होंने मौत का कारण जानना चाहा और डॉक्टर से सवाल किए, तो डॉक्टर ने इलाज की पर्ची फाड़कर सीधे कूड़ेदान में फेंक दी ताकि लापरवाही का कोई सबूत न रहे।
मां का एकमात्र सहारा छिना: पीड़ित मां का कहना है कि पति के जाने के बाद वह अपनी बच्ची का चेहरा देखकर ही जिंदगी काट रही थी, लेकिन डॉक्टर की लापरवाही ने उसका वह आखिरी सहारा भी छीन लिया।




