सिद्धार्थनगर में पंचायत सहायकों ने खोला मोर्चा: मानदेय बढ़ोतरी और स्थायीकरण की मांग, अनिश्चितकालीन कार्य बहिष्कार का ऐलान

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सिद्धार्थनगर। उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थनगर जिले में अपनी लंबित मांगों को लेकर पंचायत सहायकों ने शासन-प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। मांगों पर सुनवाई न होने से नाराज पंचायत सहायकों ने आंदोलन तेज करते हुए स्पष्ट कर दिया है कि जब तक उनकी समस्याओं का ठोस समाधान नहीं होता, तब तक वे पूर्ण रूप से कार्य बहिष्कार पर रहेंगे।

इसी क्रम में डुमरियागंज ब्लॉक के पंचायत सहायकों ने सहायक विकास अधिकारी (चीफ/पंचायत) को एक पत्र सौंपा है। इस पत्र के माध्यम से उन्होंने अपने आंदोलन के कारणों की जानकारी देते हुए ब्लॉक प्रशासन से सहयोग और समर्थन की मांग की है।

लखनऊ के ईको गार्डन में 7 सितंबर से डटे हैं पंचायत सहायक

पंचायत सहायक संघ के पदाधिकारियों ने बताया कि अपनी जायज मांगों को लेकर 7 सितंबर से ही राजधानी लखनऊ के ईको गार्डन में अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन जारी है। पूरे प्रदेश के पंचायत सहायक अपनी आवाज बुलंद कर रहे हैं, लेकिन शासन स्तर से अब तक कोई सकारात्मक पहल नहीं की गई है।

संघ की प्रमुख मांगें:

  • मानदेय में वृद्धि: वर्तमान में मिल रहे मात्र ₹6,000 के मानदेय को बढ़ाकर ₹30,000 प्रतिमाह किया जाए।

  • सेवा का स्थायीकरण: संविदा व्यवस्था को तत्काल समाप्त कर पंचायत सहायकों के लिए स्थायी सेवा नियमावली बनाई जाए।

  • महिला सहायकों को राहत: महिला पंचायत सहायकों को नियमानुसार मातृत्व अवकाश (Maternity Leave) और स्थानांतरण-समायोजन की सुविधा प्रदान की जाए।

  • भर्ती में आरक्षण: ग्राम पंचायत अधिकारी (GPO) और ग्राम विकास अधिकारी (VDO) की भर्तियों में पंचायत सहायकों को 50 प्रतिशत का क्षैतिज (Horizontal) आरक्षण दिया जाए।

  • स्वास्थ्य सुरक्षा: सभी पंचायत सहायकों को आयुष्मान भारत योजना के तहत मुफ्त इलाज की सुविधा से जोड़ा जाए।

जब तक लिखित आदेश नहीं, तब तक ठप रहेगा काम

संघ ने कड़े शब्दों में ऐलान किया है कि जब तक राज्य सरकार उनकी मांगों पर कोई ठोस निर्णय लेकर लिखित आदेश जारी नहीं करती, तब तक डिजिटल उपस्थिति (Online Attendance) समेत सभी प्रकार के ऑनलाइन और ऑफलाइन सरकारी कार्यों का पूर्ण बहिष्कार रहेगा। पंचायतों में कामकाज ठप होने से ग्रामीणों को मिलने वाली डिजिटल सेवाओं पर इसका सीधा असर पड़ सकता है।