देशभर में करोड़ों वोटर्स के नाम काटने पर बिफरी कांग्रेस: सिद्धार्थनगर में CEC ज्ञानेश कुमार का पुतला फूंका, पुलिस से छीना-झपटी

विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) में धांधली का आरोप; निष्पक्ष जांच, CEC की गिरफ्तारी और पारदर्शी ऑडिट को लेकर राष्ट्रपति के नाम सौंपा 5 सूत्रीय ज्ञापन

निजाम अंसारी

सिद्धार्थनगर। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के आह्वान पर देश भर में करोड़ों पात्र मतदाताओं के नाम वोटर लिस्ट से हटाए जाने और विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की आड़ में हो रही कथित गड़बड़ियों के खिलाफ सोमवार को जिला कांग्रेस कमेटी ने जोरदार हुंकार भरी। जिलाध्यक्ष क़ाज़ी सुहेल अहमद के नेतृत्व में दर्जनों कार्यकर्ताओं ने जिलाधिकारी कार्यालय पर उग्र प्रदर्शन किया और मुख्य निर्वाचन आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए।

प्रदर्शन के बाद आक्रोशित कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कलेक्ट्रेट के सामने मुख्य निर्वाचन आयुक्त का पुतला दहन किया। इस दौरान मौके पर मौजूद भारी पुलिस बल ने पुतला छीनने का प्रयास किया, जिससे पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच काफी देर तक तीखी छीना-झपटी और धक्का-मुक्की होती रही।

निर्वाचन आयोग की भूमिका पर उठे सवाल, 5 सूत्रीय ज्ञापन सौंपा

कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने महामहिम राष्ट्रपति को संबोधित 5 सूत्रीय ज्ञापन अपर जिलाधिकारी को सौंपा। ज्ञापन में मांग की गई कि SIR प्रक्रिया की स्वतंत्र जांच कराई जाए, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को तत्काल पद से हटाकर गिरफ्तार किया जाए, मतदाता सूची में हुए सभी बदलावों का पारदर्शी ऑडिट हो तथा पात्र नागरिकों के मताधिकार की शत-प्रतिशत सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।

कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग की संदिग्ध कार्यप्रणाली के कारण देश भर में करोड़ों नागरिकों को उनके लोकतांत्रिक अधिकार से वंचित कर दिया गया है, जो सीधे तौर पर लोकतंत्र पर हमला है।

“वोटर लिस्ट लोकतंत्र की बुनियाद, मनमानी बर्दाश्त नहीं” — क़ाज़ी सुहेल अहमद

प्रदर्शन को संबोधित करते हुए जिलाध्यक्ष क़ाज़ी सुहेल अहमद ने कहा कि मतदाता सूची किसी भी लोकतंत्र की आत्मा होती है। किसी भी वैध नागरिक का नाम बिना उचित भौतिक सत्यापन और सुनवाई के सूची से हटाना असंवैधानिक है। उन्होंने जोर देकर कहा कि SIR की आड़ में जिस तरह से वोट काटे जा रहे हैं, उसकी निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच जरूरी है ताकि जनता के बीच पारदर्शिता बनी रहे। कांग्रेस संविधान और नागरिक अधिकारों की रक्षा के लिए सड़क से संसद तक लड़ाई जारी रखेगी।

प्रदर्शन में वरिष्ठ नेताओं व कार्यकर्ताओं का हुजूम

इस विरोध प्रदर्शन में बदरे आलम, अभिनय राय, डॉ. नादिर सलाम, अनिल सिंह अन्नू, युवा कांग्रेस अध्यक्ष पंकज चतुर्वेदी, सादिक अहमद, सतीश चन्द्र त्रिपाठी, रंजना मिश्रा, राजेंद्र मिश्रा, अकील अहमद मुन्नू, राजन श्रीवास्तव, सुदामा प्रसाद, सबरे आलम, राधेश्याम पाण्डेय, ओमप्रकाश दूबे, पप्पू खान, रितेश त्रिपाठी, जिल्ले गालिब, इश्तियाक चौधरी, राजेश सिंह, शाहिद महबूब, डॉ. प्रमोद कुमार, संतोष चौधरी, लोकपति ओझा, रियाजउद्दीन राईनी, जोखन प्रसाद, हृषीकेश मिश्रा, दिवाकर त्रिपाठी, गंगेश्वर राय, मोबीन खान, दिलशाद, अरमान, वाहिद खान, शौकत अली, श्रीकांत मिश्रा, रवि प्रजापति, इम्तियाज चौधरी और संजीव कुमार जायसवाल सहित बड़ी संख्या में पार्टी पदाधिकारी व कार्यकर्ता उपस्थित रहे।