📅 Published on: October 2, 2026
KAPILVASTUPOST
सिद्धार्थनगर (शोहरतगढ़)। देशव्यापी विरोध कार्यक्रम के तहत बृहस्पतिवार को सिद्धार्थनगर के तहसील मुख्यालय शोहरतगढ़ पर मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) और अन्य वामपंथी दलों ने चुनाव आयोग के खिलाफ जोरदार धरना-प्रदर्शन किया। मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने की मांग को लेकर वाम दलों के कार्यकर्ताओं ने श्याम लाल शर्मा के नेतृत्व में उप जिलाधिकारी (SDM) शोहरतगढ़ के माध्यम से भारत की माननीय राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन सौंपा।
26 सितंबर से 2 अक्टूबर तक देशव्यापी अभियान
वाम दलों द्वारा 26 सितंबर से 2 अक्टूबर तक चलाए जा रहे देशव्यापी विरोध अभियान के तहत यह प्रदर्शन आयोजित किया गया था। कार्यकर्ताओं ने तहसील परिसर में एकत्र होकर निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली के खिलाफ नारेबाजी की और निष्पक्ष चुनाव प्रणाली बहाल करने की मांग उठाई।
वोट के अधिकार पर हमले का आरोप
महामहिम राष्ट्रपति को भेजे गए ज्ञापन में वामपंथी नेताओं ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि ‘इंडियन एक्सप्रेस’ अखबार की रिपोर्ट के अनुसार, वर्तमान मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के नेतृत्व में एस.आई.आर. (SIR) प्रणाली के माध्यम से भारत के नागरिकों से उनके पवित्र वोट देने का अधिकार छीनने का प्रयास किया गया है। नेताओं ने कहा कि यह कदम निर्वाचन आयोग जैसी संवैधानिक संस्था की विश्वसनीयता पर गहरा दाग लगाता है, जिसकी सभी वाम दल कड़े शब्दों में निंदा करते हैं।
सुप्रीम कोर्ट के सुझाव वाली चयन समिति बहाल करने की मांग
धरना प्रदर्शन के दौरान वक्ताओं ने मांग की कि स्वतंत्र और लोकतांत्रिक चुनाव प्रक्रिया को अक्षुण्ण रखने के लिए उच्चतम न्यायालय (सुप्रीम कोर्ट) द्वारा प्रस्तावित चयन समिति की व्यवस्था को तत्काल बहाल किया जाए। इस व्यवस्था के तहत निर्वाचन आयुक्तों के चयन बोर्ड में देश के प्रधानमंत्री, लोकसभा में विपक्ष के नेता और भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) को शामिल किया जाना चाहिए।
प्रदर्शन में प्रमुख पदाधिकारी रहे मौजूद
इस अवसर पर कम्युनिस्ट पार्टी और वाम दलों के कई वरिष्ठ पदाधिकारी व कार्यकर्ता उपस्थित रहे, जिनमें मुख्य रूप से शिवशंकर चौधरी, बृज बिहारी, बिक्री भारती, दुर्गावती, सुरेंद्र नाथ, खेदू और शिव पाल सहित भारी संख्या में कार्यकर्ता शामिल रहे।