प्राइम टाइम स्पेशल – खाकी सोती रही, हैवान ढोते रहे बदनामी! बढ़नी में NH-730 पर खड़ी स्लीपर बस में महिला से दरिंदगी, पुलिस बोली- ‘हमे तो खबर ही नहीं’

गुरु जी की कलम से

उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थनगर जिले के ढेबरुआ थाना क्षेत्र के अंतर्गत नगर पंचायत बढ़नी कस्बे से सटे राष्ट्रीय राजमार्ग 730 (NH-730) पर स्थित बुद्धा ढाबा के सामने एक बेहद शर्मनाक और सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहाँ एक निजी स्लीपर बस (संख्या MP 13 ZJ 1935) के अंदर मानसिक रूप से कमजोर महिला के साथ कथित तौर पर दरिंदगी और दुर्व्यवहार का गंभीर आरोप लगा है। घटना के बाद आरोपी चालक और परिचालक बस को मौके पर ही छोड़कर फरार हो गए हैं। इस गंभीर घटना ने एक बार फिर स्थानीय पुलिस प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था और गश्त के दावों की पोल खोलकर रख दी है।

खाकी की कार्यशैली और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल

घटनास्थल के समीप स्थित एक बगीचे में गैर-प्रांत का एक असहाय परिवार पिछले कुछ दिनों से अस्थायी रूप से गुजर-बसर कर रहा था, और पीड़ित महिला मानसिक रूप से अस्वस्थ बताई जा रही है।

मंगलवार देर रात जब परिवार सो रहा था, तब बस से जुड़े कर्मियों पर महिला को जबरन बस के भीतर ले जाकर अनैतिक कृत्य करने का गंभीर आरोप लगा है।

परिजनों की नींद खुलने और तलाश करने पर ढाबे के पास खड़ी बस की ओर से संदिग्ध आहट मिली, और परिजनों के मौके पर पहुँचते ही आरोपी वहाँ से भाग निकले।

वाहन पर अंकित संपर्क विवरण के आधार पर जब बस मालिक संजय शर्मा (निवासी इंदौर) से बात की गई, तो उन्होंने अपने कर्मी रवि द्वारा महिला से अभद्रता किए जाने की सूचना मिलने की पुष्टि की, साथ ही यह भी बताया कि संबंधित कर्मी फरार है और उसका फोन बंद मिल रहा है।

थानाध्यक्ष का गैर-जिम्मेदाराना बयान और पुलिसिया लाचारी

एक तरफ जहाँ हाईवे पर खुलेआम ऐसी घिनौनी वारदातें हो रही हैं, वहीं दूसरी ओर जिम्मेदार अधिकारियों का रवैया बेहद गैर-जिम्मेदाराना बना हुआ है।

इस संबंध में जब ढेबरुआ थानाध्यक्ष चंद्रकांत पाण्डेय से जानकारी ली गई, तो उनका अजीबोगरीब बयान सामने आया कि उन्हें फिलहाल इस प्रकरण में कोई सीधी जानकारी नहीं मिली है और वे पूरे मामले की जानकारी करवा रहे हैं।

स्थानीय नागरिकों का कहना है कि हाईवे किनारे स्थित ढाबों के आसपास रात के समय बेधड़क खड़ी रहने वाली निजी बसों और संदिग्ध गतिविधियों पर यदि पुलिस द्वारा नियमित निगरानी रखी जाती, तो इस तरह की अप्रिय स्थिति से आसानी से बचा जा सकता था।

जनपद में कानून व्यवस्था को ताक पर रखकर लगातार हो रही ऐसी घटनाओं और पुलिस की सुस्त कार्यप्रणाली के कारण आम जनता में भारी आक्रोश व्याप्त है। प्रबुद्धजनों और स्थानीय लोगों ने उच्चाधिकारियों से मांग की है कि इस मामले में तत्काल संज्ञान लेते हुए लापरवाह पुलिसकर्मियों की जिम्मेदारी तय की जाए और फरार आरोपियों को शीघ्र गिरफ्तार किया जाए।

प्रतीकात्मक इमेज