पैगम्बर साहब के अपमान पर मुसलमानों में गम व गुस्से का इज़हार , किया शांति पूर्ण प्रदर्शन
📅 Published on: June 10, 2022
मांफी नहीं इन्तिक़ाम चाहिए रसूलुल्लाह ﷺ का एहतराम चाहिए।
डॉ शाह आलम
आज शुक्रवार दोपहर नमाज़-ए-जुमा के बाद शोहरतगढ़ जामा मस्जिद के चौराहे पर हज़ारों की तादाद में मुसलमानों ने गुस्ताख़-ए-रसूल के ख़िलाफ़ कड़ा एहतजाज कर अपने ग़म व ग़ुस्से का इज़हार किया है। मुसलमानों ने कहा है कि कोई हम पर हमला करें, हमारा घर तोड़े हमारा कारोबार खराब कर दे हमारी दूकानों को जला दे, हम सब कुछ देश की अमन चैन के लिए सब्र करके बर्दाश्त कर लेंगे,
लेकिन अगर कोई हमारे नबी ﷺ की नामूस पर हमला करेंगा तो बर्दाश्त नहीं कर सकते हैं। हम कब्रों से उठ खड़े होंगें अपने नबी के अज़मत के लिए।



