शोहरतगढ़ – परिवार में दो दो लोगों की मौत से तड़प उठा परिवार

अभी बाप की लाश कब्रिस्तान में रख कर आ ही रहे थे कि अब बेटे की लाश ले जाने की तैयारी में परिवार इंसान अपने आप में चाहे जो बन ले चाहे जितना रसूख और ताकतवर बन ले लेकिन कुदरत के आगे सब बेबस है एक दिन सबको इसी मिट्टी में मिल जाना है


इन्द्रेश तिवारी


शोहरतगढ़ का एक परिवार के पिता पुत्र दोनो लखनऊ गए हुवे थे बेटे की दिमागी हालत थोड़ी सी खराब रहती थी । शुक्रवार को ही मास्टर सहाबुद्दीन साहब अपने बेटे वकार को लेकर लखनऊ गए हुवे थे शाम को इंटरसिटी से वापस आ रहे थे बलरामपुर तक परिवार के लोगों से बात हुई उसके बाद संपर्क कट गया ।

अचानक से चलती ट्रेन से बेटा कूद गया या फिसल गया एक बाप से यह देख नहीं गया वह भी अपने बेटे को बचाने के लिए कूद गए।
पिता की मौत तत्काल हो गई उनकी लाश परिवार को मिलने पर सोमवार सुबह 10 बजे हजारों की संख्या में लोगों ने सुपुर्दे खाक किया गया ।

12 बजे तक लोग घर आ गए थे कि फिर से एक कॉल आई कि बेटे की भी लाश मिल गयी इस सूचना से परिवार लगातार एक के बाद एक दर्द सीने को छलनी करता जा रहा है। ईश्वर की मर्जी के आगे इंसान बेबस है एक साथ एक परिवार का मुखिया और उसका जवान बेटा जिसे बचाने में एक बाप ने अपनी जान दांव पर लगा दी और बेटा भी अपनी जान से हाथ धो बैठा

बताते चलें कि परिवार में दो दो लोगों की मौत का सदमा कैसे परिवार बरदाश्त कर पा रहा है यह सिर्फ़ आंसुओं से ही बयां होने वाली दास्तान है क्या कहें शब्द नहीं मिल रहे।
जब से इस परिवार पर दुख का साया पड़ा है उनके चाहने वालों सभासद बाबूजी समाजसेवी रवि अग्रवाल घटनास्थल पर लाशों की खोजबीन उनका पोस्टमार्टम आदि का सराहनीय प्रयास किया है हम उनके शुक्रगुजार हैं।

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