बाढ़ के पानी में डूबकर अभिलेख हुवे खराब

अभिषेक शुक्ल


जोगिया। बाढ़ के दौरान ब्लॉक परिसर एवं कार्यालय भवन में तीन फीट तक पानी भरने से आलमारी में रखे कई महत्वपूर्ण अभिलेख भीगकर खराब हो गए हैं। बाढ़ का पानी हटने के बाद कर्मचारी भीगा अभिलेख परिसर में फैलाकर सुखाने की कोशिशों में जुटे हैं। ब्लॉक क्षेत्र की 72 ग्राम पंचायतों में विकास कार्य प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है।
बाढ़ के दौरान जोगिया चौराहे समेत आसपास के घर, थाना एवं ब्लॉक परिसर चार दिन तक पानी में डूबे रहे। ब्लॉक कार्यालय के विभिन्न कक्षों में रखे गए मनरेगा, क्षेत्र पंचायत एवं ग्राम पंचायतों में विकास कार्य संबंधी पिछले वर्ष के अभिलेख खराब हो गए। साथ ही कई ग्राम पंचायतों के परिवार रजिस्टर, प्रति वर्ष बनने वाली कार्ययोजनाएं एवं इन पर खर्च होने वाले धन संबंधी दस्तावेज खराब हो गए हैं।पानी हटने के बाद विभागीय कर्मी इन अभिलेखों को सहेजने में जुटे हुए हैं। स्थानीय निवासी रामहित, फेरई, देवनारायन और हरिश्चंद्र का कहना अगर बाढ़ के दौरान ही कर्मचारी सचेत रहे होते, तो ये सरकारी अभिलेख खराब नहीं होते। उन्होंने कहा कि इससे कई ग्राम पंचायतों एवं क्षेत्र पंचायत के विकास कार्यों में हुए भ्रष्टाचार के सबूत भी समाप्त हो जाएंगे। वहीं ब्लॉक के कर्मचारी और अधिकारी भीगकर खराब हुए अभिलेखों के बारे में बताने से कतरा रहे हैं। बीडीओ सतीश कुमार सिंह का कहना है कि पुराने अभिलेख बाढ़ के कारण भीग गए हैं और फर्नीचर, मेज-कुर्सी सब सड़ गए हैं। धूप में सूख जाने के बाद सारे अभिलेख ठीक-ठाक हो गए हैं।ब्लॉक सभागार और ब्लॉक के पीछे स्थित भवन में तीन आलमारी में रखे पुराने अभिलेख बाढ़ में भीग गए थे, जिसे ब्लॉक परिसर में पॉलिथीन बिछाकर धूप में सुखाया जा रहा है। इनमें कई ऐसे अभिलेख हैं, जिनके खराब होने से कई ग्राम पंचायतों में लोगों को सांसत झेलनी पड़ सकती है।

error: Content is protected !!
Open chat
Join Kapil Vastu Post