📅 Published on: April 18, 2026
गुरु जी की कलम से
सोनौली/सिद्धार्थनगर: पड़ोसी राष्ट्र नेपाल और भारत के बीच पेट्रोल-डीजल की कीमतों में जमीन-आसमान के अंतर ने सीमावर्ती इलाकों में तस्करी के अवैध कारोबार को हवा दे दी है। जहाँ एक तरफ भारतीय सीमा क्षेत्र के पेट्रोल पंपों पर तेल का संकट गहराने लगा है, वहीं दूसरी तरफ तस्कर और पंप संचालकों की कथित मिलीभगत से ईंधन को ब्लैक में नेपाल पहुँचाया जा रहा है।
कीमतों का गणित: क्यों बढ़ा तस्करी का लालच?
नेपाल में भारत की तुलना में डीजल करीब **₹50** और पेट्रोल लगभग **₹36** प्रति लीटर महंगा बिक रहा है। यही वजह है कि तस्करों के लिए यह धंधा बेहद मुनाफे वाला साबित हो रहा है।
नेपाल में ईंधन की वर्तमान दरें (अनुमानित):**
| जोन | मुख्य शहर | पेट्रोल (INR≈) | डीजल (INR≈) |
|—|—|—|—|
| **Zone 1** | बीरगंज, बीरतनगर | ₹135 | ₹146 |
| **Zone 2** | सुर्खेत, दांग | ₹136 | ₹147 |
| **Zone 3** | काठमांडू, पोखरा | ₹137 | ₹148 |
भारत में कीमतें कम होने के कारण नेपाल के नागरिक भी अपनी दोपहिया, चारपहिया और कमर्शियल गाड़ियों के साथ भारतीय पंपों पर लंबी कतारें लगा रहे हैं।
पंप संचालकों की भूमिका पर सवाल
सूत्रों के अनुसार, नौतनवा और सोनौली क्षेत्र के कई पेट्रोल पंप संचालक इस अवैध धंधे में शामिल हैं। ₹5 से ₹10 प्रति लीटर अतिरिक्त ‘सुविधा शुल्क’ लेकर तेल को गुपचुप तरीके से तस्करों के हवाले किया जा रहा है। हालात ये हैं कि टैंकर आने के महज एक-दो घंटे के भीतर ही स्टॉक ‘ड्राई’ दिखा दिया जाता है, जिससे स्थानीय विद्यालयों , इंटर और डिग्री कॉलेज लेवल तक विद्यार्थियों को कॉलेज बस से स्कूल तक जाने में भारी दुश्वारी हो रही है। व्यापारियों और आम उपभोक्ताओं को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
इतना ही नहीं, कुछ नेपाली ट्रकों में अतिरिक्त टैंक लगाकर भी तेल की सीमा पार तस्करी की जा रही है।
सुरक्षा बलों की बड़ी कार्रवाई: दो गिरफ्तार
तस्करी की बढ़ती शिकायतों के बीच 43वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल (SSB) और उत्तर प्रदेश पुलिस ने सिद्धार्थनगर के बजहा पोखरभीटवा क्षेत्र में बड़ी सफलता हासिल की है। सीमा स्तंभ संख्या 552 के पास गश्त के दौरान एक मोटरसाइकिल पर सवार दो व्यक्तियों—मनोज कुमार और दिपेन्द्र कुमार पाण्डेय (निवासी ग्राम भरवांलिया)—को पकड़ा गया।
तलाशी में उनके पास से **06 जरीकेन में कुल 57 लीटर पेट्रोल** बरामद हुआ। अभियुक्तों ने स्वीकार किया कि वे इसे नेपाल में अवैध रूप से बेचने जा रहे थे। एसएसबी ने जब्त ईंधन और मोटरसाइकिल को अग्रिम कार्रवाई के लिए कस्टम ककरहा को सौंप दिया है।
स्थानीय जनता और जनप्रतिनिधियों ने की मांग
सीमावर्ती क्षेत्र के लोगों विद्यालय वाहनों बसों और ट्रक चालकों में इस कृत्रिम किल्लत को लेकर भारी आक्रोश है। स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि पेट्रोल पंपों के स्टॉक की नियमित जांच की जाए और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए ताकि आम जनता को हो रही परेशानी को खत्म किया जा सके।