समाज सेवा का एक आदर्श उदाहरण – आग से प्रभावित किसानों के लिए एजाज अंसारी की मानवता की छाया

kapilvastupost 

आज के समय में, जब तकनीकी और अर्थव्यवस्था की उन्नति हो रही है, हम नए-नए चुनौतियों का सामना कर रहे हैं। इन चुनौतियों में से एक है आपदाओं से निपटना। आग, भूकंप, बाढ़, इन आपदाओं के प्रकोप किसानों को अपनी जीविका के संदर्भ में अत्यधिक प्रभावित करते रहते हैं।

इस मामले में, समाज के वे व्यक्ति जो साहस और सेवा की आदान-प्रदान करते हैं, अत्यंत महत्वपूर्ण होते हैं। एक ऐसा उदाहरण है डॉ अंसारी हॉस्पिटल के मैनेजिंग डायरेक्टर मो एजाज अंसारी, जो आग से प्रभावित किसानों के लिए सहायता पहुंचाने में अपना समय और प्रयास लगा रहे हैं।

शुक्रवार को मद्रहना उर्फ़ दत्तपुर के टोला बरगदही में आग ने भीषण तबाही मचाई जिसमें आधा दर्जन से अधिक घर जल गए उनमें से दो परिवारों का आग में सब कुछ जला दिया मीडिया से प्राप्त जानकारी के आधार पर सोमवार को समाज सेवी एजाज अंसारी ने गाँव का दौरा किया |

इस दौरान उन्होंने पीड़ित परिवार कन्हैय्या यादव के परिवार को सहायता के रूप में एक बोरा गेहूं और एक बोरा चावल के साथ ही परिवार की आर्थिक रूप से मदद भी की |

बताते चलें कि एजाज अंसारी, एक समाज सेवी और मानव अधिकारों के हमेशा से हामी रहे हैं उन्होंने इससे पहले कोविद महामारी के दौरान भी सैकड़ों परिवारों की भरपूर मदद की | उन्होंने आग से प्रभावित किसानों को सहायता पहुंचाने के लिए अपना समय, संसाधन और प्रयास अर्पित किया है।

उन्होंने आग के प्रकोप में नुकसान प्राप्त किसानों के लिए आहार, राहत सामग्री, और आवश्यक सामग्री का वितरण किया है। उन्होंने कहा कि इस समय किसानों को न केवल आर्थिक बल्कि मानसिक समर्थन की भी आवश्यकता है।

एजाज अंसारी ने अपने समर्पित संघर्ष और साहस के माध्यम से इस समस्या का सामना किया है। उन्होंने अपने साथी स्वयंसेवकों के साथ मिलकर किसानों को उनकी मुश्किल स्थिति से बाहर निकालने के लिए प्रतिबद्ध किया है।

एजाज अंसारी जैसे व्यक्तित्व समाज में एक उज्जवल प्रकाश की भूमिका निभाते हैं, जो समाज के अत्यंत जरूरी सदस्य होते हैं। उनका योगदान न केवल प्राथमिक स्थिति के लिए व्यापक रूप से महत्वपूर्ण होता है, बल्कि वे भविष्य की संभावनाओं को भी साधने में सहायक होते हैं।

एजाज अंसारी की इस निस्वार्थ सेवा का उदाहरण  उनके अन्य साथी समाज सेवकों को भी प्रेरित करनी चाहिए, ताकि समाज में एक सामूहिक संवेदनशीलता और सहयोग की भावना उत्पन्न हो सके।