बाल विवाह, बाल श्रम, बाल तस्करी, बाल यौन शोषण के विरुद्ध किया गया जागरूक

👉बाल विवाह के विरुद्ध दिलाया गया शपथ

👉मानव सेवा संस्थान सेवा द्वारा आयोजित हुआ जागरूकता कार्यक्रम

👉रघुवर प्रसाद जायसवाल सरस्वती शिशु मंदिर बालिका इंटर कॉलेज में अयोजित हुआ जागरूकता कार्यक्रम

Kapilvastupost

सिद्धार्थनगर। बाल विवाह, बाल श्रम, बाल तस्करी, बाल यौन शोषण के विरुद्ध नगर के रघुवर प्रसाद जायसवाल सरस्वती शिशु मंदिर बालिका इंटर कालेज में शनिवार को प्रधानाचार्या प्रतिमा सिंह की अध्यक्षता में मानव सेवा संस्थान सेवा द्वारा जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जागरूकता कार्यक्रम के पश्चात आचार्य महेंद्र प्रताप मिश्र ने उपस्थित छात्राओं, शिक्षक, शिक्षिकाओं तथा अन्य स्टाफ को बाल विवाह के विरुद्ध शपथ भी कराया।
जागरूकता कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए मानव सेवा संस्थान सेवा के प्रोजेक्ट मैनेजर जय प्रकाश गुप्ता ने कहा कि यदि किसी को विवाह का निमंत्रण कार्ड मिलता है तो वो पहले यह सुनिश्चित कर लें कि जिस शादी में वो शामिल होने जा रहे हैं कहीं वो बाल विवाह तो नहीं है। यदि बाल विवाह होने वाला है तो उसमे शामिल नहीं होना है, 18 वर्ष से कम उम्र में लड़की और 21 वर्ष से कम उम्र में लड़के की शादी यदि होती है, तो वो बाल विवाह की श्रेणी में आता है। बाल विवाह सामाजिक बुराई होने के साथ – साथ कानून अपराध भी है। बाल विवाह में शामिल होने वाले और शादी कराने वाले सभी दोषियों को सजा हो सकती है। इसके अलावा उन्होंने बाल श्रम के बारे में जागरूक करते हुए कहा कि बाल श्रम कराने वाले नियोजकों के विरुद्ध कार्यवाही लगातार जारी है, इसलिए बाल श्रम भी नही कराना चाहिए। बच्चों को उनका अधिकार दिलाने के लिए हम सभी को मिलकर आगे आना होगा। बाल तस्करी के बारे में बच्चियों को जागरूक करते हुए उन्होंने कहा कि कभी भी किसी के बहकावे में आकर कहीं न जाये, स्कूल के लिए जब आप घर से निकले तो स्कूल आये और स्कूल से जाते समय सीधे घर जाए, उसके पश्चात यदि कही जाना है तो अपने अभिभावकों को जरूर सूचित करके जाएं। क्योंकि बहुत से बहरूपिए बच्चों को लोभ लालच का सपना दिखा कर बरगला कर बाल तस्करी का कार्य करते हैं, ऐसे लोगो से बचना होगा। उन्होंने कहा कि बाल तस्करी एक संगठित अपराध है। इसमें कई लोग शामिल होकर घटना को कारित करते हैं। मानव तस्करी दुनिया का तीसरे नम्बर का सबसे बड़ा तस्करी है। इसलिए इससे बचे। जागरूक रहे और अन्य को भी जागरूक करें। बाल यौन शोषण के बारे में जागरूक करते हुए उन्होंने कहा कि किसी भी बच्चे के साथ यदि किसी प्रकार शोषण होता है, तो हमारे समाज में लोग समाज मे बदनामी के डर से उसका शिकायत पुलिस को नहीं करते हैं। जब कि ऐसा नहीं करना है, यदि कुछ घटना हो रही है तो तत्काल इसकी सूचना पुलिस को देना है, चुप्पी तोड़ना है, जिससे आरोपी को सजा मिल सके और दूसरा बच्चा शोषण का शिकार न हो सके। कार्यक्रम में फील्ड एरिया कंसल्टेंट आनंद ने भी समाज में फैली बाल विवाह जैसी कुरीतियों के बारे जानकारी देकर जागरूक किया। कार्यक्रम में मुख्य रूप से शिक्षिका सरिता, सविता, रीता पाण्डेय, ज्योति चौधरी, स्मृति, सीता, गीता, प्रियंका सिंह, धनंजय, राजकुमार साहू, राकेश मिश्रा, अम्बरीष, बृजकिशोर, सहित समस्त शिक्षक, शिक्षिकाएं तथा समस्त छात्राएं शामिल रहे।