📅 Published on: May 24, 2025
सीमा क्षेत्र खुनुआ व बढ़नी में आयुक्त अखिलेश सिंह की अध्यक्षता में घंटों चली उच्च-स्तरीय बैठक, सीमा पर कड़ा पहरा; संदिग्धों और दोहरी नागरिकता वालों पर भी पैनी नजर
गुरु जी की कलम से
सिद्धार्थनगर : भारत-नेपाल अंतरराष्ट्रीय सीमा पर अवैध गतिविधियों और सरकारी ज़मीन पर अतिक्रमण को रोकने के लिए शुक्रवार 23 मई 2025 को एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक हुई। यह बैठक सशस्त्र सीमा बल 50वीं वाहिनी बलरामपुर की सीमा चौकी बढ़नी के बैठक सभागार में आयोजित की गई, जिसकी अध्यक्षता बस्ती मंडल के आयुक्त अखिलेश सिंह ने की।
घंटों चली इस अहम बैठक में देश की सुरक्षा से जुड़े संवेदनशील मामलों, सिद्धार्थनगर जनपद के लगभग 68 किमी के दायरे में फैली सभी सरहदों पर अतिरिक्त सतर्कता, और गैरकानूनी गतिविधियों की रोकथाम पर गहन चर्चा हुई। इस दौरान भारत-नेपाल सरहद का बारीकी से निरीक्षण भी किया गया।
इस महत्वपूर्ण बैठक में मंडलायुक्त बस्ती मंडल अखिलेश सिंह, पुलिस उप महानिरीक्षक बस्ती मंडल दिनेश कुमार पी, जिलाधिकारी डॉ. राजा गणपति आर., पुलिस अधीक्षक डॉ. अभिषेक महाजन, अपर जिलाधिकारी गौरव श्रीवास्तव, उप जिलाधिकारी सदर कल्याण सिंह मौर्य, उप जिलाधिकारी शोहरतगढ़ राहुल सिंह, क्षेत्राधिकारी सदर मयंक द्विवेदी, क्षेत्राधिकारी शोहरतगढ़ सुजीत राय, सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) 43वीं वाहिनी के कमांडेंट उज्ज्वल दत्ता, 50वीं वाहिनी के द्वितीय कमान अधिकारी कस्तूरी लाल, बढ़नी असिस्टेंट कमांडेंट संजय के पी, उप कमांडेंट 43वीं वाहिनी यशवंत कुमार, और सीमाई क्षेत्र में अवस्थित पुलिस थाना अध्यक्ष सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे।
अतिक्रमण और अवैध गतिविधियों पर नकेल:
अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि भारत-नेपाल अंतरराष्ट्रीय सीमा के जीरो लाइन से भारतीय क्षेत्र की ओर 0-5 किलोमीटर और 5-15 किलोमीटर के दायरे में सरकारी ज़मीन पर हुए अवैध अतिक्रमण स्थलों को चिन्हित कर जिला प्रशासन और एसएसबी के साझा प्रयास से तुरंत हटाया जाए। साथ ही, सीमाई क्षेत्र में किसी भी नए अवैध निर्माण की सूचना मिलने पर तत्काल स्थानीय प्रशासन को सूचित कर त्वरित कार्रवाई करने पर जोर दिया गया।
संदिग्धों और दोहरी नागरिकता वालों पर भी पैनी नजर:
बैठक में सीमाई क्षेत्र में संचालित मदरसों/मस्जिदों में बाहर से आए नए लोगों की सूची तैयार करने और उसे आपस में साझा कर उनकी गतिविधियों पर नज़र रखने का भी निर्देश दिया गया। इसके अलावा, एसएसबी, पुलिस और अन्य विभागों से सेवानिवृत्त हुए उन कार्मिकों की पहचान कर सूची बनाने और उनके साथ समन्वय स्थापित करने की बात कही गई, जिनसे सीमाई क्षेत्र में सक्रिय तस्करों/अपराधियों के संबंध में सूचनाएं एकत्रित की जा सकें। ऐसे नागरिकों की पहचान कर सूची बनाने और स्थानीय प्रशासन को अवगत कराने का भी निर्देश दिया गया, जिनके पास भारत और नेपाल दोनों देशों की नागरिकता है।
तस्करी और अपराध पर अंकुश:
भारत-नेपाल सीमा पर होने वाली तस्करी और अपराधों को रोकने के लिए सभी संबंधित एजेंसियों को आसूचनाएं (खुफिया जानकारी) समय पर आपस में साझा करने और संयुक्त प्रचालन गतिविधियों को क्रियान्वित करने के लिए निर्देशित किया गया। पिछले 15 वर्षों में एसएसबी और पुलिस द्वारा मानव तस्करी, नकली नोटों की तस्करी, हथियारों की तस्करी, नशीली पदार्थों की तस्करी, सोने-चांदी की तस्करी और वन्य जीवों की तस्करी जैसे प्राथमिक क्षेत्रों में जब्ती के दौरान अभिरक्षा/गिरफ्तार किए गए अभियुक्तों की सूची तैयार कर उसका विश्लेषण करने और उनके संबंध में नवीनतम जानकारी पर नज़र रखने के लिए कहा गया। वाहिनी के कार्यक्षेत्र के चेक पोस्टों से भारत से नेपाल व नेपाल से भारत आने-जाने वाली बसों और उनके सवारियों के वैध दस्तावेजों की उचित जांच के बाद ही अनुमति देने का निर्देश दिया गया।
खाद तस्करी पर भी फोकस:
आगामी धान की खेती को देखते हुए खाद की तस्करी की संभावना पर भी विचार किया गया। आयुक्त ने जिला प्रशासन, कृषि विभाग और सशस्त्र सीमा बल को संयुक्त रूप से छापेमारी कर सीमाई क्षेत्र में अवैध तरीके से खाद संग्रह कर रखे गोदामों को जब्त करने के निर्देश दिए।
सीमा का गहन निरीक्षण:
बैठक के बाद, आयुक्त बस्ती मंडल अखिलेश सिंह ने कमांडेंट, 43वीं वाहिनी उज्ज्वल दत्ता, द्वितीय कमान अधिकारी, 50वीं वाहिनी कस्तूरी लाल, उप कमांडेंट 43वीं वाहिनी यशवंत कुमार, पुलिस उप महानिरीक्षक बस्ती परिक्षेत्र बस्ती दिनेश कुमार पी., जिलाधिकारी डॉ. राजा गणपति आर., पुलिस अधीक्षक डॉ. अभिषेक महाजन, अपर जिलाधिकारी गौरव श्रीवास्तव, उप जिलाधिकारी तहसील नौगढ़, शोहरतगढ़ के साथ बढ़नी बॉर्डर और खुनुवा बॉर्डर का भी निरीक्षण किया।