अफवाह नहीं सत्य है जिले में चोरी की घटनाएं

गुरू जी की कलम से

बढ़नी, सिद्धार्थनगर। इस वक्त जिले में चोरों का भय ऐसा है कि लोग रात रात भर जग कर गांव की रखवाली कर रहे हैं। मजे की बात यह है कि चोर अब पैदल या दो पहिया से नहीं सीधे चार पहिया से आ रहे हैं। इसके पहले गांव में रेकी हो रही है। रेकी की सटीक सूचना पर चोर गांव में अपने टारगेट पर पंहुच घटना को अंजाम देकर फरार जा रहे हैं।
जनता को सुरक्षा देने वाली पुलिस इसे अफवाह करार देकर अपनी जवाबदेही से पल्ला झाड़ ले रही है। चोरी की घटनाओं को अफवाह करार दोने के पुलिस के दावे के इतर जिले में तमाम जगह ग्रामीणों द्वारा चोर पकड़े भी गए हैं। बीती रात सिद्धार्थनगर मुख्यालय पर ही एक घर में चोरों ने नगदी सहित पांच लाख के जेवर और कीमती कपड़ों पर हाथ साफ कर दिया। इसके पहले मिश्रौलिया थाना क्षेत्र के एक गांव में नकाबपोश को घर में घुसते हुए पकड़ा गया था।
ढेबरुआ थाना क्षेत्र के तुलसियापुर चौराहे पर एक रेहड़ी वाले के घर पर लूटपाट की घटना हुई। इसी थाना क्षेत्र के सेवरा और दुधवनिया गांव में ताबड़तोड़ चोरी की घटनाओं को अंजाम देकर चोरों ने पुलिस को चुनौती दी थी। चोरों की बढ़ती घटनाओं के चलते इस थाने के इंस्पेक्टर का तबादला भी कर दिया गया। चोरों के आतंक के चलते अपरिचित फेरी वालों की भी शामत आ गई है। तमाम ऐसी घटनाएं सामने आई है जहां चोर समझकर इन फेरी वालों की पिटाई हुई है।
इसके पहले ड्रोन का भी खूब हल्ला था। रात को नेपाल सीमा से लगायत जिले में कहीं भी ड्रोन उड़ते हुए दिखाई पड़ जाते थे। ड्रोन के मामले में प्रशासन भी कोई स्पष्टीकरण नहीं दे पाया,बस केवल हुक्म भर जारी करता रहा। ग्रामीण ड्रोन द्वारा रेकी बता रहे हैं जबकि कहीं कहीं इस माध्यम से नदियों का सर्वे बताया गया।
बहरहाल जिले में चोरी की घटनाएं महज अफवाह नहीं है, लगातार हो रही चोरी की घटनाएं चोरों के बेखौफ सक्रिय होने का सबूत है। गांव वाले अपनी सुरक्षा को लेकर आत्मनिर्भर हो ही रहे हैं, पुलिस भी थोड़ा सक्रियता दिखाए तो अच्छा है।