📅 Published on: February 28, 2026
Kapilvastupost
बढ़नी (सिद्धार्थनगर): जनपद के ढेबरुआ थाना क्षेत्र में अवैध खनन का कारोबार थमने का नाम नहीं ले रहा है। शासन की सख्ती के दावों के उलट, यहाँ खनन माफिया और रसूखदारों का गठजोड़ फल-फूल रहा है। आलम यह है कि पिकौरा, मानपुर घोरही और राम नगर मुहचुरवा नदी के तटीय इलाकों में दिन-रात जेसीबी और रीपर मशीनों के जरिए धरती का सीना चीरकर बलुई मिट्टी निकाली जा रही है।
बिना नंबर प्लेट के डंपर भर रहे फर्राटा
स्थानीय लोगों का आरोप है कि अवैध खनन में लगे दर्जनों डंपर बिना नंबर प्लेट के बेखौफ होकर सड़कों पर दौड़ रहे हैं। ताज्जुब की बात यह है कि ये गाड़ियां ढेबरुआ थाने के ठीक सामने से गुजरती हैं, लेकिन पुलिस प्रशासन मौन साधे रहता है। ग्रामीणों का कहना है कि पुलिस का चाबुक सिर्फ गरीब बाइक चालकों पर चलता है, जबकि माफियाओं की इन गाड़ियों पर कार्रवाई करने की जहमत कोई नहीं उठाता।
भू-माफिया और ईंट भट्ठों को बेची जा रही मिट्टी
सूत्रों के मुताबिक, नदियों के आसपास की खाली जमीनों से निकाली जा रही यह कीमती मिट्टी क्षेत्र के ईंट भट्ठों और अवैध प्लाटिंग करने वाले भू-माफियाओं को ऊंचे दामों पर बेची जा रही है। इस अवैध कारोबार से माफिया तो मालामाल हो रहे हैं, लेकिन पर्यावरण और राजस्व को भारी चपत लग रही है।
साहब नहीं उठाते फोन, रसूख के आगे कानून बौना
शिकायतकर्ताओं का कहना है कि जब भी खनन अधिकारी या राजस्व विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों के सीयूजी नंबर पर संपर्क करने की कोशिश की जाती है, तो या तो फोन नहीं उठता या कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिलता। स्थानीय जनता का सवाल है कि आखिर ये खनन किसके परमिशन से हो रहा है? क्या नियम-कानून सिर्फ गरीबों के लिए हैं या फिर ‘सेटिंग-गेटिंग’ के खेल में सबको खुली छूट दे दी गई है?