बिग ब्रेकिंग सिद्धार्थनगर में भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ा निर्माण कार्य: बिना आंधी-पानी भरभराकर गिरा मछली मंडी का गेट, मलबे में दबने से एक मजदूर की मौत, 6 घायल
गुरु जी की कलम से
**बढ़नी/सिद्धार्थनगर।**
शोहरतगढ़ विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत तुलसीपुर चौराहे के पास मधवापुर में एक बड़ा और दर्दनाक हादसा हो गया है। यहाँ लगभग 5.56{ करोड़} रुपये की भारी-भरकम लागत से बन रही निर्माणाधीन मछली मंडी के मुख्य गेट का ढांचा अचानक ताश के पत्तों की तरह ढह गया। इस हादसे में मलबे के नीचे दबने से एक मजदूर की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि छह अन्य श्रमिक गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। स्थानीय लोगों के मुताबिक, आज 3 जून को बिना किसी आंधी-तूफान या बरसात के, दिनदहाड़े हुआ यह हादसा सीधे तौर पर निर्माण कार्य में व्याप्त घोर भ्रष्टाचार और घटिया निर्माण सामग्री के इस्तेमाल की गवाही दे रहा है।
मृतक मुश्ताक अहमद
**विधायक विनय वर्मा का फूटा गुस्सा, डीएम को लिखा तीखा पत्र**
इस हृदयविदारक घटना की जानकारी मिलते ही शोहरतगढ़ विधानसभा क्षेत्र के लोकप्रिय विधायक **विनय वर्मा** का आक्रोश भड़क उठा। उन्होंने जिलाधिकारी (डीएम) सिद्धार्थनगर को एक बेहद सख्त और तीखा पत्र लिखकर प्रशासन की अकर्मण्यता पर सवाल खड़े किए हैं। विधायक ने पत्र में स्पष्ट कहा:
“लगभग 5.56 करोड़ की लागत से बन रही मछली मंडी के गेट का इस प्रकार अचानक ढह जाना, मेरे द्वारा समय-समय पर उठाई जा रही अनियमितताओं, भ्रष्टाचार और निम्न गुणवत्ता संबंधी शिकायतों को सच साबित करता है। यह जिला प्रशासन की घोर लापरवाही और संवेदनहीनता का जीवंत प्रमाण है।” **”साहब निरीक्षण कर गए, पर जनता की शिकायतें अनसुनी रहीं”**
विधायक विनय वर्मा ने जिलाधिकारी को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है कि जनप्रतिनिधियों और स्थानीय जनता द्वारा बार-बार जनहित में उठाई गई शिकायतों को गंभीरता से नहीं लिया गया। अधिकारी सिर्फ अपने मातहतों की फाइलों पर भरोसा करते रहे। विधायक ने सोशल मीडिया का हवाला देते हुए याद दिलाया कि गत 19 मई को स्वयं जिलाधिकारी ने इस निर्माणाधीन मछली मंडी का निरीक्षण किया था। इसके बावजूद स्थानीय नागरिकों द्वारा निर्माण में मानकों की अनदेखी और गुणवत्ताहीन सामग्री के प्रयोग की शिकायतों को पूरी तरह नजरअंदाज कर दिया गया। **हादसे के बाद घंटों गायब रहा प्रशासन, तड़पकर मर गया मजदूर**
विधायक ने पत्र में सबसे चिंताजनक और पीड़ादायक तथ्य यह उठाया कि इतनी बड़ी दुर्घटना होने के बाद भी लगभग दो से ढाई घंटे तक जिला प्रशासन या तहसील प्रशासन का कोई भी जिम्मेदार अधिकारी घटनास्थल पर नहीं पहुँचा।
* **सवाल उठा कि आखिर एसडीएम शोहरतगढ़ और अन्य संबंधित अधिकारी कहाँ थे?**
* प्रशासनिक देरी के कारण मलबे में दबा मजदूर लंबे समय तक तड़पता रहा और समय पर रेस्क्यू न होने के कारण उसकी जान चली गई। **योगी सरकार के ‘जीरो टॉलरेंस’ को ठेस पहुँचा रहे कुछ लापरवाह अफसर**
विधायक विनय वर्मा ने कहा कि सूबे के यशस्वी मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ जी के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार भ्रष्टाचार मुक्त सुशासन और गुणवत्तापूर्ण विकास कार्यों के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। लेकिन कुछ अधिकारियों की लापरवाही और गैर-जिम्मेदाराना रवैये के कारण सरकार की इस साफ-सुथरी मंशा को बार-बार चोट पहुँच रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि ऐसी लापरवाही अब कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। **विधायक विनय वर्मा की प्रमुख मांगें:**
1. **मजिस्ट्रेटीय जांच:** पूरी घटना की उच्च स्तरीय और निष्पक्ष मजिस्ट्रेटीय जांच कराई जाए।
2. **FIR और गिरफ्तारी:** निर्माण एजेंसी, ठेकेदार, इंजीनियरिंग स्टाफ और संबंधित दोषी अधिकारियों के खिलाफ तत्काल एफआईआर दर्ज कर कठोरतम कार्रवाई (गिरफ्तारी) की जाए।
3. **मुआवजा और इलाज:** मृतक मजदूर के परिजनों को पर्याप्त व उचित मुआवजा दिया जाए तथा घायल श्रमिकों के लिए सर्वश्रेष्ठ इलाज का समुचित प्रबंध तत्काल सुनिश्चित हो।
4. **सभी विकास कार्यों की जांच:** क्षेत्र में चल रहे सड़क निर्माण, स्टेडियम, कटानरोधी कार्य और सिंचाई परियोजनाओं सहित अन्य सभी विकास कार्यों की गुणवत्ता की भी तुरंत जांच कराई जाए, क्योंकि इन सभी में लगातार भ्रष्टाचार की शिकायतें मिल रही हैं।
**’गुरु जी की कलम से’** यह साफ है कि यदि प्रशासन अब भी नहीं जागा और भ्रष्ट ठेकेदारों व अधिकारियों पर नकेल नहीं कसी गई, तो जनता का आक्रोश सड़कों पर फूटेगा और ऐसी दुर्भाग्यपूर्ण घटनाएं दोबारा हो सकती हैं।
घटना की सूचना पर पहुंचे डीएम ने दिए जांच के आदेश
ढेबरुआ थाना क्षेत्र के कस्बा तुलसियापुर में बुधवार को एक बड़ा हादसा हो गया। यहाँ निर्माणाधीन मछली मंडी गेट के निर्माण कार्य के दौरान अचानक शटरिंग ढह गई। इस हादसे की चपेट में आने से वहाँ काम कर रहे 5 मजदूर गंभीर रूप से घायल हो गए, जबकि 1 मजदूर की दर्दनाक मौत हो गई।
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी तुरंत मौके पर पहुंचे और युद्धस्तर पर राहत व बचाव कार्य शुरू किया। डीएम और एसपी ने किया घटनास्थल का निरीक्षण
हादसे की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी (DM) ** शिवशरणप्पा जी.एन.** और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) **डॉ. अभिषेक महाजन** ने तत्काल घटनास्थल का दौरा किया। अधिकारियों ने निर्माण कार्य की वर्तमान स्थिति का जायजा लिया, हादसे के कारणों को समझा और राहत कार्य की समीक्षा की। **बड़ी कार्रवाई:** जिलाधिकारी ने मामले की गंभीरता को देखते हुए हादसे की विस्तृत जांच के लिए **03 सदस्यीय टीम** गठित कर दी है, जो जल्द ही अपनी रिपोर्ट सौंपेगी। घायलों का हाल जानने जिला अस्पताल पहुंचे अधिकारी
घटनास्थल का निरीक्षण करने के बाद जिलाधिकारी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सीधे जिला अस्पताल पहुंचे। वहाँ उन्होंने भर्ती कराए गए सभी घायल मजदूरों का कुशलक्षेम जाना। **चिकित्सकों को निर्देश:** अधिकारियों ने डॉक्टरों से घायलों के इलाज की विस्तृत जानकारी ली और निर्देश दिया कि सभी को बेहतर और समुचित चिकित्सा सुविधा मुफ्त उपलब्ध कराई जाए। **परिजनों को आश्वासन:** डीएम और एसएसपी ने घायल मजदूरों और उनके परिजनों से बातचीत की और ढांढस बंधाते हुए आश्वासन दिया कि प्रशासन की ओर से उन्हें हरसंभव सहायता दी जाएगी। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया
पुलिस ने मृतक मजदूर के शव को कब्जे में लेकर पंचायतनामा (शव पंचनामा) की प्रक्रिया पूरी कर ली है और उसे पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है।