नियमित टीकाकरण से बच्चों में बढ़ती है रोग प्रतिरोधक क्षमता – यूनिसेफ डी एम सी
📅 Published on: December 11, 2021
मनीष सिंह
सिद्धार्थनगर। यूनीसेफ संस्था द्वारा विकास भवन सभागार में सीडीपीओ व मुख्य सेविकाओं का अभिमुखिकरण करते हुए टीके की विशेषता के बारे में शुक्रवार को जानकारी दी गयी। यूनीसेफ के डीएमसी अमित शर्मा ने बताया कि नियमित टीकाकरण व कोविड टीकाकरण दोनों महत्वपूर्ण हैं। बच्चों में नियमित रूप से सभी टीके लग जाने से रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ जाती है।
उन्होंने बताया कि कोरोना जैसी महामारी से बचाव के लिए भारत में टीके बने हैं। टीके का कोई दुष्प्रभाव नहीं है, इसलिए टीका जरूर लगवाएं। इसके साथ ही बताया कि बच्चों का नियमित टीकाकरण समय पर पूर्ण करा लिया जाए तो उनके भीतर रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ जाती है। बीमारी से लड़ने में बच्चे सक्षम हो जाते हैं, इसलिए समय पर नियमित टीकाकरण को जोर देते हुए छूटे बच्चों का टीकाकरण जरूर कराएं। बच्चों में नियमित टीकाकरण हो जाने से गलाघोंटू, टिटनेस, काली खांसी, दिमागी टीबी, मिजल्स रूबेला, दिमागी बुखार, हेपेटाइटिस बी और इन्फ्लुजा टाइप बी जैसी 12 जानलेवा बीमारियों से लड़ने में भी मदद मिलती है। उन्होंने बताया कि कोविड की बीमारी कम प्रतिरोधक क्षमता वाले लोगों को अधिक होने की संभावना रहती है। कोविड का टीका गर्भवती व धात्री दोनों के लिए पूरी तरह सुरक्षित है। अब गर्भवती टीकाकरण करा रही हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में थोड़ी और जागरूकता करने की जरूरत है। इसके अलावा उन्होंने बताया कि हाई रिस्क प्रेग्नेंसी (एचआरपी) वाली महिलाओं, कुपोषित व अतिकुपोषित बच्चों को स्वस्थ बनाने के लिए सभी को बेहतर प्रयास करने की जरूरत है। कुपोषण को दूर करने के लिए जिला अस्पताल में बने एनआरसी का लाभ उठा सकते हैं। इस दौरान डीपीओ शुभांगी कुलकर्णी, सीडीपीओ भानु प्रताप सिंह, गौरी शंकर यादव, निर्भय सिंह, ओम प्रकाश, संजय सिंह, रविंद्र सिंह, मुख्य सेविका सरिता श्रीवास्तव, किरण देवी, राजवती देवी और खुश्बू आदि मौजूद रहीं।


