विकास खंड वढनी – बाल विकास परियोजना विभाग में कर्मचारी रिटायर होने के बाद भी नहीं छोड़ पा रही है कुर्सी का मोह

गुरु जी की कलम से 

सुपरवाइजर के हस्ताक्षर जो रजिस्टर पर हो रहे हैं उनकी मिलान यदि सुपरवाइजर के बैंक हस्ताक्षर से किया जाए तो दोनों में अंतर होने की संभावना हो सकती है|

मिली जानकारी के अनुसार विकासखंड बढ़नी मे कुल 77 ग्राम पंचायतें हैं जिस में लगभग 224 आंगनबाड़ी कर्यकर्ती नियुक्त की गई है जिनके ऊपर 0 से 6 वर्ष के आयु के बच्चों के लगभग 36000 बच्चों की और लगभग 2000 गर्भवती महिलाओं की जिम्मेदारी है|

आंगनबाड़ी केन्द्रों की तथा आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों की निगरानी करने के लिए दो सुपरवाइजर की व्यवस्था थी|

बताया जता है कि वही एक सुपरवाइजर यहां पर रहकर दोनों लोगों का दायित्व निभा रही है पता चला है कि दिसंबर 2024 में हुए सेवा मुक्त हो गई हैं फिर भी कार्यालय पर जमी रहती है यही नहीं आंगनबाड़ी कार्यकत्री के विभिन्न रजिस्टरों पर हस्ताक्षर भी कर रही है|

नगर पंचायत बढ़नी में 0 से 6 वर्ष तक के बच्चों में व गर्भवती धात्री में चावल वितरण हेतु करीब 40 कुंतल चावल नगर पंचायत बढ़नी में आया शासन के निर्देशानुसार चावल कोटेदारों के हाथों बटना था लेकिन लेकिन सीडीपीओ बढ़नी द्वारा कोटेदारों पर दबाव बनाया गया कि तुम दो-चार कुंतल लेकर बगल हो जाओ और हमारे आंगनबाड़ियों को राशन दे दो दे और हमारी आंगनवाड़ियां राशन को वितरण करेगी|

राशन तीन-महीने का था सभी लाभार्थियों के लिए आया था जिसमें आंगनबाड़ियों द्वारा एक- महीने का राशन तो बाटा गया लेकिन दो महीने के राशन को लाभार्थियों को न देकर एक महीने का राशन सीडीपीओ और आंगनबाड़ी की बंदर बात के चक्कर में लटका है |

फिलहाल लाभार्थियों को 2 महीने का राशन नहीं मिला जिसकी शिकायत लोगों को अभी भी है वास्तविकता तो जांच के बाद ही स्पष्ट होगी|

राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम 2013 की धारा 4, 5 एवं 6 के अनुसार आंगनबाड़ी केंद्र से 6 वर्ष से छोटे बच्चों, गर्भवती महिलाओं एवं धात्री माताओं के लिए पोषाहार के विस्तृत प्रावधान है। कानून के अनुसार मध्ह्यान भोजन की तरह आंगनबाड़ी में भी प्रत्येक 3 से 6 वर्ष के पंजीकृत बच्चों को प्रत्येक दिन (अवकाश के दिनों को छोड़कर) मेनू के अनुसार सुबह का नाश्ता एवं दोपहर को गर्म पका – पकाया भोजन दिया जाता है।

अगर किसी कारण से किसी भी दिन (छुट्टी के दिन को छोड़कर) सुबह का नाश्ता एवं गर्म पका – पकाया भोजन नहीं मिलता है तो आंगनबाड़ी केंद्र से पंजीकृत प्रत्येक 3 से 6 साल के बच्चे को राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम की धारा 8 के अंतर्गत खाद्य सुरक्षा भत्ता पाने का अधिकार है। उपरोक्त नियम का उल्लंघन होने की स्थिति में जिला के जिला शिकायत निवारण अधिकारी के समक्ष शिकायत दर्ज की जा सकती है।